माउण्टेन ईकोज लिटरेचर फेस्टिवल में वसुन्धरा राजे



मुख्यमंत्री राजस्थान श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा है कि छोटी-छोटी चीजों से लोगों में खुशियां बांटने पर भूटान में जैसे ध्यान दिया जा रहा है, वह अन्य देशों के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत है। उन्होंने कहा कि जिस तरह भूटान में सकल राष्ट्रीय खुशहाली पर फोकस किया जाता है, उसी तरह राजस्थान में हैप्पीनेस कोशेंट बढ़ाना हमारी प्राथमिकता है। टॉय बैंक, क्लॉथ बैंक एवं मोबाइल लाइब्रेरी जैसी पहल के माध्यम से हम लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने का प्रयास कर रहे है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा क्रियान्वित प्रमुख योजनाओं की जानकारी भी संवाद के दौरान की। श्रीमती राजे भूटान की राजधानी थिम्पू में भूटान शाही विश्वविद्यालय के सभागार में माउण्टेन ईकोज लिटरेचर फेस्टिवल के दूसरे दिन ’ऑफ दी पीपुल, फोर दी पीपुल’ विषय पर संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सलाहकार परिषद् की सदस्य श्रीमती मालविका सिंह के सवालों के जवाब दे रही थीं। उन्होंने कहा कि प्रकृति का सम्मान करने, पारिस्थितिकी अनुकूल जीवनशैली को ग्रहण करने और अपनी पारम्परिक एवं सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने के बारे में भूटान से बहुत कुछ सीखा जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में भी हम सतत एवं सृजनशील विकास की अवधारणा पर काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान से लेकर परम्परागत कलाओं एवं कौशल को बढ़ावा देने जैसे हमारे प्रयास इसी अवधारणा के अलग-अलग आयाम हैं। उन्होंने कहा कि जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल को देश ही नहीं दुनिया में ख्याति मिली है। हमने और भी कई ऎसे फेस्टिवल्स की शुरूआत की है जिनसे प्रदेश की कला एवं संस्कृति को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी।

श्रीमती राजे ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लोगों का इससे सक्रिय जुड़ाव जरूरी है। इसके लिए हमने महत्वपूर्ण रेल्वे स्टेशनों पर स्थानीय पर्यटन के अनुरूप पेन्टिंग करवाकर उन्हें जीवन्त स्मारक का रूप दिया है। बीकानेर रेल्वे स्टेशन पर बादल महल, सवाई माधोपुर पर टाइगर का चित्रण किया गया है। इसी तरह हमने जयपुर शहर को जोगी आर्ट के खुले संग्राहलय के रूप में प्रस्तुत किया, जिसकी व्यापक स्तर पर सराहना हुई। मुख्यमंत्री ने संवाद कार्यक्रम के दौरान प्रदेश में चलाए जा रहे जन जुड़ाव के विभिन्न कार्यक्रमों सरकार आपके द्वार, न्याय आपके द्वार, आपका जिला-आपकी सरकार के बारे में जानकारी दी। उन्होंने महिला सशक्तीकरण एवं वित्तीय समावेशन की भामाशाह योजना, अन्नपूर्णा भण्डार योजना, भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना जैसी राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की विस्तार से चर्चा की और इनके माध्यम से लोगों के जीवन में आ रहे सकारात्मक बदलाव को रेखांकित किया। इस दौरान भूटान की राजमाता आशी दोरजी वांग्मो वांग्चुक, गणमान्यजन एवं बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी उपस्थित थे।
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