राजस्थान के कृषि मंत्री ने लांच किया ई-चरक वेब पोर्टल और एप

जयपुर, राजस्थान के कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने यहां औषधीय पौधों पर राष्ट्रीय अभियान का जयपुर में शुभारम्भ किया। यह शुभारम्भ जयपुर में आयोजित की जा रही दो दिवसीय औषधीय पौधों पर राष्ट्रीय सेमीनार के अवसर किया गया। 

कृषि मंत्री ने राष्ट्रीय अभियान को लांच करने के लिए जयपुर चयन करने पर केन्द्र सरकार का आभार व्यक्त किया और कहा कि आयुर्वेद को बढ़ावा देने से ना केवल किसानों को लाभ मिलेगा अपितु राज्य के साथ ही देश की अर्थव्यवस्था भी लाभान्वित होगी। इस अवसर पर श्री सैनी ने केन्द्र सरकार से आग्रह किया कि बजट में पारम्परिक औषधियों के लिए और अधिक वित्तीय प्रावधान रखा जाए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस राष्ट्रीय अभियान के माध्यम से हर्बल उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणनन, मूल्य संवर्धन तथा जैविक खेती को प्रोत्साहन मिलेगा।


श्री सैनी ने इस बात का उल्लेख भी किया कि राजस्थान सरकार ने केन्द्र को एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पेश की है जिसमें राजस्थान की सर्वप्रथम विशेष ‘‘लघु वनोपज मंडी‘‘ स्थापित करने का प्रस्ताव है। इस मंडी के स्थापित होने से यहां के निवासियों को वन उपज की सही कीमत मिल सकेगी। कृषि मंत्री ने निवेशकों एवं किसानों को जयपुर में आगामी 9 से 11 नवम्बर तक आयोजित होने वाले ‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट 2016‘ (ग्राम 2016) में भाग लेने के लिए भी आमंत्रित किया।


इस आयोजन के उद्घाटन सत्र में भारत सरकार के आयुष सचिव, श्री अजीत एम. शरण ने कहा कि हमें लुप्त प्रायः होने वाले औषधीय पौधों की प्रजातियों के उत्पादन पर ध्यान देना होगा और इस प्रकार की खेती के उत्पादन, प्रमाणन एवं विपणन के लिए एक श्रृंखला तैयार करनी होगी। उन्होंने आगे कहा कि नेशनल मेडिसिनल प्लांट्स बोर्ड (एनएमपीबी) हर्बल उत्पादों के सर्टिफिकेशन्स से सम्बद्ध परियोजनाओं को वित्तीय सहायता देने को इच्छुक है। 


राजस्थान सरकार के आयुर्वेद विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी, श्री आर. वैकटेश्वरन ने कहा कि लोगों की बदलती जीवन शैली के कारण एलोपेथिक दवाइयां अल्टरनेटिव मेडिसिन हो जायेंगी जबकि परम्परागत दवाइयां और भी लोकप्रिय हो जायेंगी। उन्होंने औषधीय पौधों के क्लीनिकल ट्रायल और मानकीकरण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि इससे हमारे हर्बल उत्पाद अंतर्राष्ट्रीय स्तर के हो सकेंगे।


बाद में कृषि मंत्री ने औषधीय पौधों पर राष्ट्रीय अभियान का लोगो जारी करने के साथ ही इंटरेक्टिव वेब पोर्टल और मोबाइल एप ‘‘ई-चरक‘‘ भी लांच किया। उन्होंने राष्ट्रीय अभियान के ब्रोशर, सेमीनार की ऐब्स्ट्रैक्ट पुस्तिका, आयुष मंत्रालय की एन.ए.एम स्कीम योजना का पैम्फलेट तथा स्कूली बच्चों द्वारा बनाये हर्बल गार्डन पोस्टर का भी अनावरण किया।


इस आयोजन मंे 23 राज्यों से आए 500 से भी अधिक उन किसानों ने भाग लिया जो इस प्रकार के औषधीय पौधों की खेती कर रहे हैं, इनके अतिरिक्त अन्य एजेंसियों तथा भागीदारों ने भी हिस्सा लिया। सेमीनार के दौरान इंटरेक्टिव सत्र भी आयोजित किया जिसमें किसान, उद्योग के विशेषज्ञ तथा व्यापारियों के अतिरिक्त अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे। 


 इस आयोजन को आयुष मंत्रालय के नेशनल मेडिसिनल प्लांट्स बोर्ड द्वारा राजस्थान स्टेट मेडिसिनल प्लांटस् बोर्ड तथा फेडरेशन ऑफ इण्डियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्रीज (फिक्की) के साथ मिलकर संयुक्त रूप से आयोजित किया गया।

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